गगन चूमती लगन
बचपन में आसमान में उड़ते हवाई जहाजों को देखकर श्री नागेश प्रभाकर फरकाड़े के मन में हवाई जहाज उड़ाने का सपना जन्मा, जो समय के साथ जुनून बन गया। कागज़ के प्लेन उड़ाने से शुरू हुई, यह यात्रा एनसीसी एयर विंग तक पहुँची, जहाँ उन्होंने नागपूर फ्लाइंग क्लब और ग्लाईडिंग क्लब से भी उडान भरी, सन 1985 सेउन्होंने एयरोमॉडलिंग की शुरुवात की ओर कई सफलता पुर्वक प्रदर्शन किए तथा कई प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किये।
सीमित संसाधनों के बावजूद भी उन्होंने खुद के मॉडल विमान बनाए और कई संस्थानों में डेमो दिए। उसके बाद 2014 में ही उन्होंने अपना पहला ड्रोन तैयार कर लिया था।तकनीक के प्रति नागेश के समर्पण ने उन्हें आगे चलकर ड्रोन पायलट और विशेषज्ञ बना दिया। आज वे नई पीढ़ी को प्रशिक्षण देकर अपने अनुभव और उड़ान के सपनों को आगे बढ़ा रहे हैं।
click the image, to watch the video
(वीडियो और इंटरव्यू: संदीप अग्रवाल)

