Ab life ke aur kareeb

मुगल-ए-आजम

गायन में ठुमरी और नृत्यों में कथक. सार्वजनिक प्रदर्शनों की शायद सबसे लोकप्रिय विधाओं में से है. फिल्मी गीतों ने इसे और अधिक लोकप्रिय बनाया है और महफिलों व दरबारों की सीमाओं से आजाद कर,  सार्वजनिक मंचों तक पहुँचाया है. इसीलिए, अब इसकी परफॉर्मेंस को लेकर नाक-भौंह नहीं सिकोड़ी जातीं, बल्कि इसे कला के एक उत्कृष्ट फॉर्म के रूप में देखा जाता है.

  • सुमित अग्रवाल, मंडी धनौरा से

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