Ab life ke aur kareeb

कभी ताल, कभी नदिया

पर्वतों के रस्ते

उड़ती हवा सा था वो

पत्थरों पर पानी

पहाड़ों के बीच नदी

विहंगम अम्बाझरी

पत्तों की जाली से…

नदी में नहाना

धुंआधार, गरजदार

मंजिलें अपनी जगह, रास्ते अपनी जगह…

उत्तरी अलास्का

शुक्रिया मानसून !

वर्षा स्नान

गुलमोहरी शबाब

मौसम शायराना…

मैजिक ऑफ मारमारा

तू चल मैं आयी…

बारिश में भीगते हुए